Jhalko Rajasthan | राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। करधनी थाना क्षेत्र में एक युवक ने पहले अपनी गर्भवती पत्नी और विधवा चाची की हथौड़े से हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के दौरान युवक ने अपने बेटे पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन बच्चा किसी तरह बचकर भागने में सफल रहा।

क्या है पूरा मामला?
करधनी थाना क्षेत्र के बेनाड स्टेशन के पास रहने वाले 36 वर्षीय पंकज कुमावत ने अपनी 2 महीने की गर्भवती पत्नी सुनीता कुमावत और अपनी विधवा चाची मधु कुमावत की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 2 बजे की है।
कैसे हुई वारदात?
सोमवार दोपहर पंकज अपने घर आया और सबसे पहले उसने हथौड़े से पत्नी सुनीता पर हमला कर दिया। पत्नी के चीखने की आवाज सुनकर उसका 9 साल का बेटा यांश दौड़कर बाहर भागा। तभी विधवा चाची मधु भी कमरे से बाहर आई और बच्चे को बचाने की कोशिश की। इस दौरान पंकज ने चाची पर भी हमला कर दिया। किसी तरह से बच्चा बाहर भाग निकला और पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। जब पड़ोसी घर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि घर में चारों तरफ खून फैला हुआ था और पंकज फंदे से लटका हुआ था।
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भिजवा दिया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
पंकज की मानसिक स्थिति और हत्या की वजह
पड़ोसियों के अनुसार, पंकज कुमावत पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद से परेशान था। उसकी आर्थिक स्थिति खराब थी, जिससे वह मानसिक रूप से तनाव में था।
पड़ोसियों की गवाही
- पड़ोसियों ने बताया कि पंकज आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
- घर में अक्सर विवाद होते थे।
- वह ऑटो चलाता था और फाइनेंस का भी काम करता था।
- कुछ दिनों से वह काफी डिप्रेशन में दिख रहा था।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
करधनी थाना प्रभारी सवाई सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से पंकज, उसकी पत्नी और चाची के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। हालांकि, अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी।
मासूम बच्चे का दर्द
हत्या के दौरान पंकज के 9 साल के बेटे यांश और उसका भतीजा हिमांक घर पर ही थे। जैसे ही पंकज ने पत्नी पर हमला किया, यांश किसी तरह से बचकर बाहर भाग गया और लोगों को घटना की जानकारी दी। घटना के बाद यांश गहरे सदमे में है और अपने माता-पिता को देखने की जिद कर रहा है। फिलहाल, परिवार के अन्य सदस्य उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
पुलिस ने तीनों शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया है।
क्या यह मामला घरेलू कलह और आर्थिक तंगी से जुड़ा है?
इस पूरे मामले में शुरुआती जांच में घरेलू कलह और आर्थिक तंगी मुख्य वजह मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

समाज के लिए बड़ा सवाल
- क्या आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह इस हद तक ले जा सकती है?
- मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है?
- क्या परिवार और समाज को ऐसे मामलों में पहले से सतर्क रहने की जरूरत नहीं है?
निष्कर्ष
यह दर्दनाक घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद किसी व्यक्ति को कितना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज और प्रशासन को मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए, ताकि कोई और पंकज इस तरह का खौफनाक कदम न उठाए।