गर्भवती गाय की करंट से मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
बीकानेर जिले के भानीपुरा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां करंट लगने से एक गर्भवती गाय की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।

कैसे हुई घटना?
गांव के लोगों के अनुसार, बिजली के खुले तारों की वजह से यह घटना घटी।
- करंट वाले तार खुले में पड़े थे और सुरक्षा उपायों की कमी थी।
- इससे पहले भी इसी स्थान पर तीन से चार बार इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
- ग्रामीणों ने बिजली विभाग को कई बार इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
गांव में बढ़ा रोष, विरोध प्रदर्शन शुरू
इस घटना के बाद गांव के लोगों ने आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा:
- बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार जानवरों की मौत हो रही है।
- ग्रामीणों ने पहले भी कई बार शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन अधिकारी अनदेखी कर रहे थे।
- ग्रामीणों ने गाय की अर्थी नहीं उठाने की बात कही जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
गांव के सरपंच और अधिकारियों से बातचीत
गांव के सरपंच और बिजली विभाग के अधिकारियों से जब इस मामले पर बातचीत की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
- सरपंच ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और जल्द ही समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
- बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही लटके तारों को हटाया जाएगा और सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।
गाय के मालिक और ग्रामीणों की मांग
गाय के मालिक और गांव वालों ने प्रशासन से कुछ अहम मांगें रखीं:
- गांव में लटके बिजली के तारों को तुरंत हटाया जाए।
- गाय के मालिक को उचित मुआवजा दिया जाए।
- बिजली विभाग की लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- गांव में बिजली आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि:
- गांव में बिजली तारों को सही किया जाएगा।
- इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों की चेतावनी
गांव के लोगों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
निष्कर्ष
यह घटना बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। अगर समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो शायद यह घटना नहीं होती। प्रशासन को जल्द ही इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
