चूरू में हुआ जैगुआर फाइटर जेट क्रैश
राजस्थान के चूरू ज़िले के रतनगढ़ क्षेत्र के पास एक दुखद घटना में वायुसेना का जैगुआर फाइटर जेट क्रैश हो गया। यह हादसा पूरे देश को शोक में डुबो गया। इस हादसे में फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह शहीद हो गए। वे राजस्थान के पाली ज़िले के खिवांदी गांव के निवासी थे। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

शहीद ऋषिराज: एक प्रेरणा, एक नाम
25 वर्षीय ऋषिराज सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उन्होंने NDA की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की थी और हाल ही में उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर से फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर प्रमोशन मिला था। उनका सपना देश सेवा करना था और उन्होंने अपने सपने को जीते हुए वीरगति प्राप्त की।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
पाली ज़िले के खिवांदी गांव में जब ऋषिराज सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा, तो पूरे गांव ने नम आंखों से अपने सपूत को विदाई दी। सरकारी स्कूल के बच्चों ने सैन्य ड्रेस पहनकर श्रद्धांजलि दी। गांव का हर व्यक्ति गर्व और दुख की मिश्रित भावना के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुआ।
परिजनों का दर्द और गर्व
ऋषिराज के परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है, लेकिन यह दुखद है कि देश की सुरक्षा में लगे विमान इतने पुराने हो चुके हैं कि हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिता ने कहा, “हमने अपने बेटे को देश के लिए सौंपा था, लेकिन ऐसे पुराने विमानों में जान गंवाना अस्वीकार्य है। यदि युद्ध में शहीद होते, तो गर्व और भी गहरा होता।”
ऋषिराज कभी नहीं मरते, वो अमर होते हैं
गांव के वरिष्ठों और पारिवारिक मित्रों का कहना है कि ऋषिराज जैसे युवा पूरे समाज और देश के लिए प्रेरणा हैं। एक स्थानीय मित्र ने कहा, “ऋषिराज का नाम मारवाड़ ही नहीं, पूरे भारतवर्ष में लिया जाएगा। वह पहला ऐसा बच्चा था जो गोडवाड़ क्षेत्र से फाइटर पायलट बना और उसने अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया।”
फाइटर जेट हादसों पर उठे सवाल
इस हादसे ने वायुसेना में उपयोग हो रहे पुराने विमानों की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऋषिराज के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में और युवा सैनिकों की जान न जाए।
अंतिम यात्रा: एक वीर को अंतिम सम्मान
ऋषिराज सिंह की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने भाग लिया। पूरे रास्ते “भारत माता की जय” और “ऋषिराज अमर रहे” के नारों से गूंज उठा। इस दृश्य ने सभी की आंखों में आंसू और दिल में गर्व भर दिया।
- चूरू में युवाओं का अनोखा विरोध: पेट के बल लेटकर पहुंचे कलेक्टर के पास
- चोमू में भाजपा ने घोषित की नई जिला कार्यकारिणी, रामलाल शर्मा ने क्या कहा?
- सहकारिता दिवस 2025: सीएम भजनलाल शर्मा ने किसानों, महिलाओं और युवाओं को दी सौगातें
- बीकानेर: बंद घर में पूर्व फौजी और पत्नी की संदिग्ध हत्या, बेटे ने जताया किराएदार पर शक
- एडिटेड वीडियो वायरल करने पर बोली साध्वी – “मैं कमजोर नहीं हूं, जिसने किया वो सजा पाएगा”