जयपुर। राजस्थान में RAS Mains परीक्षा को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। लंबे समय से परीक्षा की तारीखों, प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवाल अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुके हैं। राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन और धरना शुरू कर दिया है। कई छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं।

RAS Mains को लेकर क्यों उठे सवाल?
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित RAS Mains परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उनका कहना है कि परीक्षा की तारीखों में बार-बार बदलाव, उत्तर कुंजी में त्रुटियां और कथित धांधली ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
धरने का माहौल: संघर्ष और संकल्प
जयपुर के शहीद स्मारक और अन्य जिलों में अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है। इनमें से कई युवा पिछले कुछ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद अन्य अभ्यर्थी डटे हुए हैं और कह रहे हैं कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और आयोग की चुप्पी पर नाराजगी
धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया है कि न तो राजस्थान सरकार और न ही RPSC उनकी मांगों को गंभीरता से ले रहा है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद न कोई ठोस आश्वासन मिला है, न ही किसी स्तर पर संवाद स्थापित किया गया है। यही कारण है कि अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
- RAS Mains परीक्षा प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच
- उत्तर कुंजी की पारदर्शिता और सुधार
- चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना
- प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना
- आयोग की जवाबदेही तय करना
राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है। कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से समर्थन देते हुए छात्रों से मुलाकात की और RPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिससे यह साफ है कि मामला सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब युवाओं की उम्मीदों और विश्वास से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
Jhalko Rajasthan की ग्राउंड रिपोर्ट
Jhalko Rajasthan की टीम ने धरनास्थल पर जाकर छात्रों से बातचीत की। एक अभ्यर्थी ने बताया, “हमने दिन-रात मेहनत की है लेकिन हमें बार-बार सिस्टम द्वारा धोखा दिया गया है। अब हमारी मांग है कि न्याय हो, नहीं तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में फैल जाएगा।”
आगे क्या? सरकार और आयोग पर दबाव
हालात जिस तेजी से बिगड़ रहे हैं, उससे यह साफ है कि सरकार और आयोग पर अब छात्रों के दबाव को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है। अगर जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी उग्र आंदोलन में बदल सकता है।
निष्कर्ष: युवाओं का संघर्ष और लोकतंत्र की परीक्षा
RAS Mains परीक्षा को लेकर राजस्थान में जो हालात बने हैं, वह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। यह समय है जब सरकार और आयोग को संवेदनशीलता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच और समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
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