प्रस्तावित बदलाव से ग्रामीणों में आक्रोश
बीकानेर जिले की पंचायत समिति में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि नए बदलाव से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

क्या है मामला?
ग्राम पंचायत जमतसर, जो पहले बीकानेर पंचायत समिति में शामिल थी, अब उसे नई पंचायत समिति पेमासर में शामिल किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय अनुचित और अव्यवहारिक है क्योंकि पेमासर की दूरी बहुत अधिक है और वहां जाने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों की मुख्य आपत्तियां
- लंबी दूरी: जमतसर से बीकानेर की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है, जबकि पेमासर की दूरी 55-60 किलोमीटर तक है। इतनी लंबी दूरी तय करना आम ग्रामीणों के लिए बहुत मुश्किल होगा।
- आवागमन की समस्या: बीकानेर के लिए साधन आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन पेमासर तक पहुंचने के लिए कई साधन बदलने पड़ेंगे। इससे आम आदमी, किसान, मजदूर, और बुजुर्गों को भारी परेशानी होगी।
- प्रशासनिक असुविधा: पंचायत समिति से जुड़े कार्यों के लिए इतनी लंबी यात्रा करना समय और पैसे की बर्बादी होगी।
- न्याय संगत समाधान की मांग: ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि बीकानेर में समिति रखना संभव नहीं है, तो कोई ऐसा स्थान चुना जाए जो हाईवे से जुड़ा हो और आवागमन सुगम हो।
ग्रामीणों की अपील
ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर अपने विधायक से भी संपर्क करने की बात कही है। उनका कहना है कि विधायक को जनता की भावनाओं को समझकर इस फैसले को बदलवाने की कोशिश करनी चाहिए। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही विधायक से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा।
प्रशासन का क्या कहना है?
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा। हालांकि, अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को वापस लिया जाए या फिर कोई संतुलित समाधान निकाला जाए।
निष्कर्ष
बीकानेर की पंचायत समिति में बदलाव को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका मानना है कि यह बदलाव उनके लिए असुविधाजनक और अनुचित है। प्रशासन को इस मामले में जल्द से जल्द कोई व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए, ताकि जनता को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
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