अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के ढेर से संक्रमण का खतरा बढ़ा

चूरू में सफाई व्यवस्था चरमराई, नगर परिषद के ही परिसर में लगा कचरे का ढेर
चूरू, राजस्थान: स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा है, लेकिन चूरू में हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। यहां नगर परिषद के परिसर में ही कचरे के अंबार लगे हुए हैं, जिससे शहर में सफाई व्यवस्था की सच्चाई उजागर हो रही है।
झलको राजस्थान की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि पूरे शहर में सफाई व्यवस्था लचर हो चुकी है। सफाई कर्मचारियों की कमी और लापरवाही के चलते शहर में गंदगी का साम्राज्य फैल रहा है।
अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का ढेर, संक्रमण का खतरा बढ़ा
चूरू जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय भर्ती अस्पताल में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। अस्पताल में मेडिकल बायोवेस्ट का सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा, जिससे मरीजों और स्टाफ में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
🔹 एनजीटी ने पहले भी लगाया था जुर्माना
यह कोई नई समस्या नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहले भी अस्पताल पर जुर्माना लगा चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
🔹 प्रशासन की लापरवाही मरीजों पर भारी
राजकीय भर्ती अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन आता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन इस समस्या को हल करने में असफल साबित हुआ है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह बायोमेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और!
चूरू नगर परिषद ने दावा किया है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में वे टॉप रैंकिंग में शामिल हैं। लेकिन हकीकत यह है कि कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के बजाय फोन पर ही ओटीपी लेकर आंकड़े अपडेट किए जा रहे हैं।
🔸 कैसे किया जा रहा है आंकड़ों का खेल?
- स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कर्मचारियों को घर-घर जाकर फीडबैक लेना था।
- लेकिन 90% से अधिक मामलों में सिर्फ फोन कर ओटीपी लेकर डेटा भर दिया गया।
- नगर परिषद के परिसर में ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे साफ पता चलता है कि सर्वेक्षण में हेरफेर किया जा रहा है।
सिर्फ तीन गाड़ियों के भरोसे शहर की सफाई!
नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए सिर्फ तीन ऑटो टीपर गाड़ियां हैं, जो पूरे शहर के लिए नाकाफी हैं।

झलको राजस्थान की टीम ने जब नगर परिषद का दौरा किया, तो वहां हालात बेहद खराब मिले।
🔹 जगह-जगह कूड़े के ढेर
🔹 खराब पड़ीं कचरा गाड़ियां
🔹 गंदगी से फैली दुर्गंध
नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
जब झलको राजस्थान की टीम ने नगर परिषद अध्यक्ष अर्पिता सोनी और आयुक्त अभिलाषा सिंह से इस बारे में सवाल किए, तो उन्होंने जल्द सफाई करवाने का आश्वासन दिया।
नगर परिषद आयुक्त ने बताया कि “स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।” लेकिन जब ग्राउंड पर हकीकत देखी गई तो हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आए।
क्या चूरू में बदलेगी सफाई व्यवस्था?
चूरू में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। लोग नगर परिषद से सवाल कर रहे हैं कि अगर सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग मिल रही है, तो फिर शहर की सफाई व्यवस्था इतनी खराब क्यों है?
सरकार और प्रशासन को जल्द से जल्द स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना होगा, वरना आने वाले समय में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।
झलको राजस्थान इस मुद्दे पर आगे भी नजर बनाए रखेगा। अगर आपके इलाके में भी सफाई से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं।
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