ईद की नमाज और अमन-चैन की दुआएं

चूरू जिले में ईद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। नूरानी ईदगाह में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज अदा कर देश और राज्य में अमन-चैन, भाईचारे और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। इस मौके पर शहरी इमाम पीर अनवार कादरी ने कहा कि भारत में सर्व समाज के लोग सभी धर्मों के त्योहारों को मिलजुलकर मनाते हैं, यही हमारी गंगा-जमुनी तहजीब और संस्कृति की पहचान है।
नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई
ईद के इस खास मौके पर जिले के कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक नेता भी मौजूद रहे। सभी ने मुस्लिम समाज को ईद की शुभकामनाएं और मुबारकबाद दी। ईदगाह में पहुंचे गणमान्य लोगों में शामिल थे:
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़
- विधायक हरलाल सहारण
- जिला कलेक्टर अभिषेक सुराना
- एसपी जय यादव
- भाजपा जिला अध्यक्ष बसंत शर्मा
- चंद्र रामगुरी
- प्रधान दीपचंद राहड़
- विक्रम कोटवाद
- कांग्रेस नेता रणजीत सातड़ा और आसाराम सैनी
- कांग्रेस देहात अध्यक्ष किशोर दादू, कृष्ण सुंडा, मोहम्मद हुसैन निर्वाण और रामचंद्र सुंडा
इन सभी नेताओं और अधिकारियों ने मुस्लिम भाइयों को ईद की शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति, सद्भावना और एकता बनाए रखने का संदेश दिया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का बयान
इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा,
“ईद का त्योहार सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह एकजुटता, प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला पर्व है। इसे सभी मिलजुलकर मनाते हैं, यही हमारी लोक संस्कृति की पहचान है।“
उन्होंने आगे कहा कि चूरू की संस्कृति हमेशा से सौहार्द और एकता की मिसाल रही है। वर्षों से यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर ईद की मुबारकबाद देते आए हैं। यह पर्व इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर देता है।
ईद: प्यार और भाईचारे का संदेश
ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया। रोजों के बाद ईद का यह खास दिन हर किसी के चेहरे पर खुशी लेकर आया। मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं ने कहा कि
“ईद न सिर्फ त्याग और भक्ति का पर्व है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश भी देता है। यह दिन सभी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलने और खुशियां बांटने का अवसर होता है।“
चूरू की गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
चूरू जिले में हर वर्ष की तरह इस बार भी ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इस दौरान समाज के सभी वर्गों ने मिलकर इस खास मौके को और भी यादगार बनाया। यह त्योहार भारत की साझा संस्कृति और विविधता में एकता की अद्भुत मिसाल पेश करता है।
ईद सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह प्रेम, सौहार्द और देशभक्ति का त्योहार भी है। यह लोगों को मिलजुलकर रहने, खुशियां बांटने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान प्रकट करने की सीख देता है।
निष्कर्ष
चूरू में इस बार भी ईदगाहों और मस्जिदों में रौनक देखने को मिली। नेता, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के हर वर्ग के लोग इस मौके पर एकजुट नजर आए। ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने देश में शांति और भाईचारे की दुआ की।

ईद का यह त्योहार हमें आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देता है। चूरू जिले में भी इस पर्व ने सभी धर्मों और समुदायों के बीच एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया।
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