बीकानेर: झाड़-फूंक की आड़ में चल रहा था तांत्रिकों का काला कारोबार
राजस्थान के बीकानेर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर लोगों को ठगने वाले फर्जी तांत्रिकों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस कांड में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं जो समाज में फैले अंधविश्वास की गहराई को उजागर करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में हो रही थी तांत्रिक गतिविधियां
Jhalko Bikaner की टीम को मिली जानकारी के अनुसार, बीकानेर के ग्रामीण इलाकों में कई दिनों से कुछ तांत्रिक गतिविधियों की खबरें मिल रही थीं। यह तांत्रिक खुद को सिद्ध पुरुष बताकर लोगों को झूठे वादे करते थे — जैसे कि:
- बीमारियों को एक रात में ठीक करना
- नौकरी और विवाह के लिए तंत्र उपाय
- दुश्मनों को खत्म करने वाले यंत्र देना
- भूत-प्रेत बाधा दूर करने का दावा
मौके पर छापा, सबूत समेत पकड़े गए तांत्रिक
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सूचना के आधार पर एक छापेमारी की, जहां कई तांत्रिक झाड़-फूंक करते हुए पकड़े गए। उनके पास से काले धागे, नींबू, चाकू, राख, नकली देवी-देवताओं की मूर्तियां, और हवन सामग्री बरामद की गई। पूछताछ में उन्होंने माना कि यह सब कुछ पैसे कमाने का जरिया है।
महिलाओं और गरीबों को बनाया जा रहा था निशाना
इस गिरोह का सबसे बड़ा निशाना थीं – ग्रामीण महिलाएं, बुजुर्ग और मानसिक रूप से परेशान लोग। ये तांत्रिक अपनी बातों में फंसाकर उनसे हज़ारों रुपए ऐंठ लेते थे और कई मामलों में मानसिक और शारीरिक शोषण की भी खबरें सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों ने जताया आक्रोश
Jhalko Bikaner की टीम ने घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। एक महिला ने बताया कि उसके बेटे की बीमारी के नाम पर तांत्रिक ने ₹15,000 लिए लेकिन कोई असर नहीं हुआ। वहीं एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि उन्हें डराया गया था कि अगर पूजा नहीं करवाई तो अनर्थ हो जाएगा।
तांत्रिकों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत फर्जीवाड़ा, ठगी, भय पैदा करना और महिला शोषण जैसे आरोपों में केस दर्ज किया है। जांच जारी है और अन्य तांत्रिकों की तलाश भी की जा रही है।
प्रशासन ने की अपील: अंधविश्वास से बचें
बीकानेर प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के झांसे में न आएं। बीमारियों का इलाज डॉक्टरों से और समस्याओं का समाधान कानूनी तरीके से ही किया जाना चाहिए।
Jhalko Rajasthan की राय
Jhalko Rajasthan मानता है कि इस तरह की घटनाएं समाज में शिक्षा की कमी और वैज्ञानिक सोच के अभाव को दर्शाती हैं। ऐसे फर्जी तांत्रिकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होनी चाहिए और लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष: समाज को चाहिए सजगता
बीकानेर जैसी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान रखने वाली जगह में इस तरह के तांत्रिक कांड दुखद हैं। ज़रूरत है कि जनता खुद भी सतर्क हो और ऐसे झूठे ढोंगी बाबाओं के चक्कर में न पड़े। यह केवल कानून का नहीं, समाज की जागरूकता का भी मामला है।

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