आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की मांग तेज
जयपुर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और भारतीय मजदूर संघ ने न्यूनतम मानदेय बढ़ाने और पेंशन संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से न्यूनतम मानदेय 10,000 रुपये करने की मांग उठाई।

मुख्य मांगे:
- मानदेय बढ़ोतरी: वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 5000-6000 रुपये मानदेय मिलता है, जिसे 10,000 रुपये या उससे अधिक किया जाए।
- ईपीएफ पेंशन सुधार: EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को 5,000 रुपये किया जाए और इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) जोड़ा जाए।
- स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ईएसआई (ESI) स्वास्थ्य लाभ बढ़ाए जाएं।
- महिला कल्याण बजट वृद्धि: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष बजट प्रावधान किया जाए।
- 100% विदेशी निवेश पर रोक: बैंक और बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन सौंपने के पीछे कारण
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मजदूर संघ का कहना है कि सरकार राजनेताओं को आजीवन पेंशन देती है, लेकिन जो लोग ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। वर्तमान में EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से 2000 रुपये के बीच है, जो बेहद कम है और इससे जीवनयापन करना कठिन है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति
- वर्तमान में कार्यकर्ताओं को औसतन 5000 से 6000 रुपये प्रति माह का मानदेय मिलता है।
- पेंशनभोगियों को EPS-95 के तहत 1000 से 2000 रुपये तक की पेंशन मिल रही है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
- सरकार से बार-बार मांगों को उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
भारतीय मजदूर संघ का बयान
भारतीय मजदूर संघ (BMS) के पदाधिकारियों का कहना है कि EPS-95 पेंशन धारकों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए न्यूनतम 5,000 रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। इसके अलावा, सरकार को EPS कटौती की सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर अधिक करनी चाहिए ताकि सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों को पर्याप्त लाभ मिल सके।
सरकार से अपील
कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगे भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की गई है कि EPS-95 पेंशन योजना में सुधार किया जाए और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाए।
निष्कर्ष
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मजदूर संघ की यह मांगें उनके जीवन को बेहतर बनाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने से जुड़ी हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या आगामी बजट में इन सुधारों की घोषणा होती है।