जयपुर। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता दिवस पर बड़ी घोषणाएं करते हुए किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई योजनाएं लागू करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के माध्यम से ही समाज के हर वर्ग को सशक्त किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिससे सहकारिता के महत्व को पूरी दुनिया में बताया जा सके। वर्तमान में राजस्थान में 41,000 से अधिक सहकारी समितियां कार्यरत हैं जिनमें 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को बीज, उर्वरक, अल्पकालिक ऋण और भंडारण की सुविधाएं मिल रही हैं।
सहकारिता समितियों का विस्तार और डिजिटलीकरण
राज्य में अब तक 976 नए एम-पैक्स (Primary Agricultural Credit Societies) का गठन किया गया है और आगामी दो वर्षों में सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 5400 से अधिक पैक्स को कंप्यूटराइज किया जा चुका है जिससे पारदर्शिता और गति दोनों में वृद्धि होगी।
भंडारण क्षमता में वृद्धि और मिलेट्स आउटलेट की सौगात
राज्य में 500 मेट्रिक टन क्षमता वाले 200 नए गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 24 गोदामों का आज लोकार्पण भी किया गया। इसके अलावा 64 मिलेट्स आउटलेट्स की शुरुआत कर किसानों को श्री अन्न (मिलेट्स) के विपणन के लिए नया प्लेटफॉर्म दिया गया है।
डेयरी सहकारिता और गौपालक योजना
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य में 2300 से अधिक डेयरी सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए जा रहे हैं। वहीं गौपालक क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है।
युवाओं के लिए रोजगार की बड़ी योजनाएं
राज्य सरकार का लक्ष्य 5 वर्षों में 10 लाख रोजगार सृजित करने का है जिसमें से 4 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया गया है।
अब तक 75,000 से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और 8000 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
इसके साथ ही 28,000 नए पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।
महिला सशक्तिकरण की पहल
राज्य सरकार ने लघुपति दीदी योजना के तहत 17 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनमें से 9 लाख 25 हजार को स्वरोजगार से जोड़ा है।
मां बाचर योजना में 25,000 गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
इसके अलावा 33,000 बेटियों को स्कूटी और 10 लाख से अधिक बेटियों को साइकिल वितरित की गई है।
लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत ₹1.5 लाख का सेविंग बंड 4600 बालिकाओं के लिए जारी किया गया है।
किसानों के लिए बड़ी राहत योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य के 76 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत ₹6800 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं।
वर्ष 2025-26 में 35 लाख किसानों को ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त फसली ऋण देने की योजना है।
भूमि विकास और सहकारी बैंकों के माध्यम से ₹400 करोड़ का दीर्घकालिक ऋण 5% ब्याज अनुदान के साथ दिया जा रहा है।
बिजली और जल परियोजनाओं में निवेश
प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
राजस्थान को विकास की नई दिशा देने के लिए ₹1000 करोड़ की लागत से राम जल सेतु लिंकर परियोजना के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
यमुना जल समझौते की डीपीआर भी तैयार की जा रही है, जिससे राज्य को अतिरिक्त जल मिलेगा।

निवेश और अधोसंरचना में बड़ी योजनाएं
राज्य सरकार ने अब तक ₹5 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं जिनमें से ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं।
2750 किलोमीटर लंबे नौ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
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